संसाधन पर्यावरण

पर्यावरण डाइजेस्ट

"मध्यप्रदेश के एक छोटे से शहर में रहने वाले एक पर्यावरणविद, समाजसेवक और पत्रकार पिछले २७ वर्षों से अव्यवसायिक रूप से पर्यावरण पर केंद्रित हिंदी की एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन कर रहे है. पर्यावरण पर केंद्रित ये हिंदी की पहली पत्रिका है. इसे नेट पर भी पढ़ा जा सकता है. विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व देखिये हिंदी में पर्यावरण की ये विशेष पहल. "

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प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा अब जागरूक समाज की चिंता का सबसे बड़ा विषय है.ज़्यादातर लोग इन विषयों पर सिर्फ चिंता करते है काम नही करते, मगर कुछ लोग ऐसे भी है जो चिंतन कर सार्थक प्रयास भी करते है. पर्यावरण डाइजेस्ट नामक ये चिट्ठा इसी तरह का एक सार्थक प्रयास है. हिंदी का ये चिट्ठा दरअसल पर्यावरण पर केंद्रित हिंदी की पहली पत्रिका पर्यावरण डाइजेस्ट का वेबप्रपृष्ठ है.

आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि इस पत्रिका का प्रकाशन जनवरी १९८७ में रतलाम के विख्यात पर्यावरणविद,पत्रकार और समाजसेवी  डा. खुशालसिंह पुरोहित ने किया था और तब से अब तक (यानी पिछले २७ वर्षों से) वे ये पत्रिका अव्यवसायिक रूप से निकाल रहे है.इसमें जल,जीवन,ज़मीन,प्रकृति और पर्यावरण पर केंद्रित वैज्ञानिक लेख,सूचनाएं और समाचार दिए जाते है.यदि अव्यवसायिक पत्रिका का ये प्रयास किसी ने

अंग्रेजी में किया होता या फिर खुशाल जी दिल्ली,मुम्बई जैसे किसी बड़े शहर में होते तो शायद उन्हें  अब तक पदमश्री मिल गया होता, हालांकि खुशाल जी की ऐसी कोई लालसा नही है मगर हिंदी भाषी समाज  इस हिंदी सेवी की जी भरके सरहाना तो कर ही सकता है. पर्यावरण डाइजेस्ट को देखने के लिए कृपया यहाँ चटका लगाए और हाँ इसे देखकर उनका उत्साह वर्धन ज़रूर करें. 


प्रकाशन दिनांक : 02-06-2013
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