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चित्रों में नज़र आएगी रवींद्र नाथ ठाकुर की रचनाएँ

"विश्व विख्यात कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कुछ चुनिन्दा बाल कहानियां अब चित्रों में भी देखी जा सकेगी. ठाकुर की कथा और पट्ट चित्रकला नमक एक प्रोजेक्ट के तहत ओडिसा के लोक कलाकारों ने उनकी तीन बाल रचनाओं को चित्रों में ढाल दिया है. इन चित्रों की प्रदर्शनी ३१ मई को दिल्ली में लगाई जाएगी. "

ravindranath thakur tagore sahmat

बांग्ला के विश्व विख्यात कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कुछ चुनिन्दा बाल कहानियां अब चित्रों में भी देखी जा सकेगी. ठाकुर की कथा और पट्ट चित्रकला नामक एक प्रोजेक्ट के तहत ओडिसा के लोक कलाकारों के उनकी तीन बाल रचनाओं को एक ऐसे माध्यम में प्रस्तुत किया है जहां इन्हें पढने के लिए किसी भाषा की ज़रूरत नहीं होगी. दरअसल इन लोक कलाकारों ने उनकी रचनाओं को चित्रों में ढाल दिया है. इन चित्रों की प्रदर्शनी ३१ मई को दिल्ली में लगाई जाएगी.
सहमत ने दिल्ली में जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि एक प्रोजेक्ट के तहत गुरुदेव की कविता तोता कहिन , कहानी बीरपुरुष और दिनर आलो निभे एलो इन तीन रचनाओं को ग्यारह लोक कलाकारों ने अपनी तूलिका के माध्यम से केनवास पर उतार दिया है. गुरुदेव की ये कविताएँ बच्चों को साहस और ईमानदारी का पाठ पढाती है.
 


प्रकाशन दिनांक : 29-05-2012
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