हिंदी जगत

नॉर्वे में मना गुरुदेव का जन्मदिन - कवियत्री देवी नागरानी का हुआ सम्मान

"नार्वे में भी हिन्दी के स्वर गूँज रहे है. हाल ही में नार्वे के प्रमुख शहर ओस्लो के वाइतवेत कल्चर सेंटर में नार्वे का स्वतन्त्रता दिवस और गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर का १५०वां जयंती समारोह एक साथ मनाया गया. भारतीय- नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लेखक गोष्ठी का आयोजन भी किया गया. इस अवसर पर अमेरिका निवासी विख्यात कवियित्री श्रीमती देवी नागरानी को उनकी हिंदी सेवा के लिए सम्मानित भी किया गया."

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इस सांस्कृतिक समारोह के मुख्य अतिथि में ओस्लो के मेयर थूर स्ताइन विंगेर थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय दूतावास के सचिव बी के श्रीराम जी ने की. कार्यक्रम की शुरुआत भारत के राष्ट्रगान से हुई .निकिता,सीमोनसेन, रविन्द सीवेर्टसेन और कुनाल भरत ने राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया. इस अविस्मरणीय समारोह में हिन्दी और नॉर्वेजियन भाषा का अद्भुत संगम नज़र आया.संस्था के अध्यक्ष सुरेशचंद्र चन्द्र शुक्ल ने दोनों भाषाओं में कार्यक्रम का संचालन कर दोनों देशों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ दिया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर थूरस्ताइन विंगेर ने नोर्वे की आजादी की दास्तान सुनाई उन्होंने सभी को नार्वे के स्वतन्त्रता दिवस की बधाई भी दी.

भारतीय दूतावास के सचिव बी के श्रीराम जी ने इस आयोजन की भरपूर सराहना की. उन्होंने कहा कि विदेश में इस तरह के प्रयासों से हम हमारी भाषा और संस्कृति से जुड़े रहते है. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से जल रही यह लौ सराहनीय है और यही उजाला हमारी सभ्यता का प्रतीक रहेगा. श्रीरामजी एवं थूरस्ताइन विंगेर ने विख्यात कवियित्री श्रीमती देवी नागरानी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया. इसके बाद नार्वे की धरती पर गीत,गज़ल और और कविताओं के सुर गूंजे.


प्रकाशन दिनांक : 08-06-2011
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