विश्व में हिंदी

मॉरीशस में हिंदी चिट्ठाकारिता और ई-पत्रकारिता पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी

"दि. २६ अप्रैल. मॉरीशस के शिक्षा व मानव संसाधन मंत्री डॉ. वसंत कुमार बनवारी ने विश्व हिंदी सचिवालय की महत्वाकांक्षी पांच दिवसीय संगोष्ठी कार्यशाला का उदघाटन किया.इस अवसर पर भारतीय उच्चायोग में द्वितीय सचिव और भाषा अधिकारी श्री मीमांसक, श्रीमति पूर्णिमा वर्मन, श्री बालेंदु दधीच और श्री ललिता कुमार,श्री गुलशन सुखलाल और श्रीमती पूनम जुनेजा विशेष रूप से उपस्थित थे. "

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उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए डा. बनवारी ने कहा मुझे इस बात पर गर्व है कि जिस देश में हमारे पूर्वजों ने पेड़ों के नीचे बैठकर हिंदी के पहले अक्षर सीखना-सिखाना शुरु किया था आज उसी देश में हम हिंदी ब्लॉगिंग और ई-पत्रकारिता पर कार्यशाला कर रहे हैं. विविध क्षेत्रों में हिंदी का प्रयोग करने वाले छात्रों और प्राध्यापकों को इस तरह का प्रशिक्षण देने की सचिवालय की योजना क्रांतिकारी है इस तरह की योजना को मॉरीशस सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त होता रहेगा.

श्री मीमांसक ने  भारतीय उच्चायुक्त श्री टी.पी. सीताराम की तरफ से शुभकामनाएँ प्रस्तुत करते हुए विश्व हिंदी सचिवालय को इस दूरदर्शी संकल्पना के लिए बधाई दी.स्वागत भाषण में सचिवालय की महसचिव श्रीमति पूनम जूनेजा ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी.कार्यशाला संचालक तथा सचिवालय के उप-महासचिव गुलशन सुखलाल ने कहा कि यह आयोजन मॉरीशस और विश्व भर में हिंदी की विकास यात्रा में मील का पत्थर है.

औपचारिक उद्घाटन के बाद हुए पहले सत्र की अध्यक्षता हिंदी संगठन के प्रधान श्री राजनारायण गति ने की.इस सत्र को मॉरीशस के श्री कुमारदत विनय गुदारी तथा श्री बालेंदु दधीच ने संबोधित किया. विनय जी ने मॉरीशस के विशेष संदर्भ में हिंदी के प्रयोग को नई तकनीक के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर विस्तृत प्रस्तुति दी तथा नई तकनीकों के से प्रस्तुत होनेवाली सम्भावनाओं को व्यक्त किया. बालेंदु जी ने हिंदी और आई.सी.टी सम्बंधित आधारभूत सिद्धांतों के विषय में अत्यंत रोचक प्रस्तुति दी.दूसरे सत्र की अध्यक्षता आर्य सभा मॉरीशस के प्रधान व डी.ए.वी कॉलेज के निदेशक प्रसिद्ध हिंदी विद्वान डॉ. उदय नारायण गंगू जी ने की. इस सत्र में श्रीमति पूर्णिमा वर्मन ने हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विकास की चर्चा की.श्री ललित कुमार जी ने हिदी साहित्य के विस्तृत प्रचार व उपलब्धता के लिए आई. सी. टी. की के उपयोग पर अपना पत्र प्रस्तुत किया.

इस कार्यशाला में देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं के वरिष्ठ  अधिकारी, अध्यापक, हिंदी सेवी तथा प्रतिभागी भारी मात्रा में उपस्थित हुए. इन प्रतिभागियों को दस टोलियों में विभाजित किया गया.कार्यशाला के अंत में उन सभी का बाकयदा मूल्यांकन किया जाएगा जिसके लिए हर टोली को अपनी रूचि और कार्यक्षेत्र के अनुरूप हिंदी में एक ब्लॉग, साईट, सोशल नेटवर्किंग ग्रुप आदि कार्य प्रस्तुत करना होगा.

लेखक/योगदानकर्ता - श्री गुलशन सुखलाल

 

योगदान : गुलशन सुखलाल
प्रकाशन दिनांक : 26-04-2012
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