हिंदी गौरव

देखिए और सुनिए भारत में अटलजी का पहला काव्यपाठ

"राजनेता के रूप में अटलजी को जो मान-सम्मान, स्नेह, अपनापन और लोकप्रियता मिली उसके पीछे कई दशकों का संघर्ष तो है ही मगर एक कवि की संवेदनशीलता और एक पत्रकार की प्रखरता भी है. आज (२५ दिसंबर २०११ )अटलजी का ८७ वा जन्मदिन है. उनका शत-शत अभिनन्दन करते हुए प्रस्तुत है एकल काव्य पाठ करते अटलजी की कुछ अमिट छवियाँ "

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सन १९९४ में कोलकाता के कुमारसभा पुस्तकालय के मंच पर अटलजी का एकल काव्यपाठ हुआ था. ये कवि के रूप में भारत में उनकी पहली प्रस्तुति थी.खचाखच भरे सभाग्रह में राजनेता अटल के पीछे खड़े कवि अटल का चेहरा पहली बार लोगों के सामने आया.अटलजी की सम्मोहक आवाज में उनकी कविताएं सुनना एक अविस्मरणीय अनुभव है.यहाँ आप भी इस अनुभव से रूबरू हो सकते है.  

एक कविता सुनकर प्यास बुझती नहीं बढ़ जाती है तो एक और कविताऔर यदि इससे भी मन ना भरे तो ये भी

योगदान - सुबोध


प्रकाशन दिनांक : 24-12-2011
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