हिंदी जगत

विख्यात गीतकार भारत भूषण की देह पंचतत्व में विलीन

"१८ दिसंबर. हिन्दी गीतों को एक नया आयाम देने वाले गीतकार भारत भूषण की पार्थिव देह आज पंचतत्व में विलीन हो गई. उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार सूरजकुंड में किया गया. "

भारत भूषान, हिन्दी गीतकार, तस्वीर अधूरी रहनी थी, राम की जल समाधि

हिंदी में काव्य गीत के प्रणेता रूप में प्रसिद्ध भारत भूषण जी का निधन १७ दिसम्बर को उनके गृहनगर मेरठ में हुआ था. गुरूवार को  दिल का दौरा पड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उनकी हालत में काफी सुधार था लेकिन शनिवार की दोपहर अचानक वो दुनिया को अलविदा कहकर चल दिए.

हिन्दी के इस अप्रतिम गीतकार का जन्म आठ जुलाई 1929 को मेरठ में हुआ था. एक शिक्षक के तौर पर करियर की शुरुआत करने वाले भारत भूषण काव्य की दुनिया में खूब शोहरत पाई. उनकी लिखी कविता  राम की जलसमाधि और गीत -तस्वीर अधूरी रहनी थी, अपने समय की सबसे चर्चित रचनाएँ थी. उन्होंने महादेवी वर्मा, रामधारी सिंह दिनकर जैसे कवि-साहित्यकारों के साथ भी मंच साझा किया  था.


प्रकाशन दिनांक : 18-12-2011
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