संसाधन बच्चों की दुनिया

हिन्दी की सबसे नन्ही चिट्ठाकार को सरकार ने किया सलाम

"दि. २४ नव. २०११. इंटरनेट पर हिन्दी की सबसे नन्ही लेखिका को भारत सरकार ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है. संभवतः ये पहला मौक़ा है जब भारत सरकार ने किसी प्रतिभा को हिन्दी के चिट्ठे के लिए सम्मानित किया है. ये सम्मान प्राप्त करने वाली अक्षिता ने अभी पांच बसंत भी पूरे नहीं देखे है. "

akshita yadav, k.k.yadav, andman nikobar, paakhi ki duniya, youngest hindi blogger

पोने पांच साल की उम्र. हिन्दी का एक चिट्ठा... और राष्ट्रीय स्तर पर दो बड़े पुरस्कार. ये एक नन्ही सी,छोटी सी बिटिया पाखी की ऊंची उड़ान की शुरुआत है.हम बात कर रहे है पाखी यानी अक्षिता यादव की. अंडमान में रहने वाली अक्षिता को नेट पर हिन्दी में लेखन के लिए हाल ही में महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है.बाल दिवस पर दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में पाखी की दुनिया नामक हिन्दी चिट्ठे के लिए पाखी को 10,000 रूपये नकद राशि, एक मेडल और प्रमाण-पत्र से समानित किया गया.

अक्षिता (पाखी) को यह पुरस्कार कला और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में उसकी विलक्षण उपलब्धि के लिए दिया गया है. संभवतः ये पहला अवसर है  जब भारत सरकार ने किसी प्रतिभा को हिंदी ब्लागिंग के लिए सम्मानित किया है. ये गौरव हिन्दी जगत की इस नन्ही चिड़िया को प्राप्त हुआ है.अक्षिता का ब्लॉग पाखी की दुनिया हिंदी के कुछ

चर्चित ब्लॉगस  में से है. हालांकि इसका संचालन उनके माता-पिता द्वारा किया जाता है मगर वे यहाँ अक्षिता द्वारा बनाये चित्र, पेंटिंग्स, फोटोग्राफ और अक्षिता की बातों को ही प्रस्तुत करते है.इसके पहले अप्रैल, 2011 में दिल्ली में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में अक्षिता को  हिंदी साहित्य निकेतन- परिकल्पना का सर्वोत्कृष्ट पुरस्कार  भी प्राप्त हुआ था.

हिन्दी जगत की इस नन्ही सी प्रतिभाशाली  बिटिया को आप यहाँ अपनी प्रतिक्रिया  व्यक्त कर बधाई दे सकते है.


प्रकाशन दिनांक : 24-11-2011
print

नवीनतम लेख

a summer camp was organised for teaching hindi in minsk city of belarus by alesia.
BOOK WRITER, POEM, POET, SUBODH