वैश्विक अवसर

\"युँ भैर भदैरु समाज कदम अत्याचारि पुरुष समाज\"

नव जीवन कु सूँचक छै
माँ बैणि अर चेली तूँ
ना गर्ब मा सुरक्षित
ना भैर ऐई यु दुनि मा
“यु भैर भदैरु समाज कदम
अत्याचारि पुरुष समाज”
जबै हैई तूँ गर्ब मा ठैरि
भेद भाव कू बलि चढि
तूँ चेलि छै…
यैक कारण त्यर हत्या है
“यु भैर भदैरु समाज कदम
अत्याचारि पुरुष समाज”
भैर ऐई तूँ फिर ले तूँ
भेदभाव मा बहती धारा
जवान हैई तू फिर ले तूँ
अत्याचारि समाज निगाह बैडि तै
प्रताड़ित छै तूँ चेलि छै
“यु भैर भदैरु समाज कदम
अत्याचारि पुरुष समाज”
ब्याह करबै ले तूँ
सुखि नही तूँ चेलि छै
दहेज कु ताने बाँट मा त्यर
बिछै हुई यु काटु छण
पैद हुण तै मरण तलक
त्यर यौनि बस तूँ चेलि छै
त्यर यौनि बस तूँ चेलि छै

हे नारि तूँ थम जा अब
ना चेलि जात कूँ अँकुर दे
ई पापी दुनिया मा
कै छू त्यर मान सम्मान
हे नारि तूँ थम जा अब
हे नारि तूँ थम जा अब
“यु भैर भदैरु समाज कदम
अत्याचारि पुरुष समाज”

लेख-सुन्दर कबडोला
गलेई- बागेश्वर- उत्तराँखण्ड
योगदान : सुन्दर कबडोला
प्रकाशन दिनांक :
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