संसाधन गीत,कविता,गज़ल

इंतज़ार

"गीत,गज़ल और कविताओं के पृष्ठ पर पढ़िए नव्या पत्रिका के संपादक और संस्थापक श्री पंकज त्रिवेदी की कुछ पंक्तियाँ.उनकी ये पंक्तियाँ उनके कलाचित्र को और उनका चित्र उनकी पंक्तियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है. "

pankaj trivedi editor navya

 

बस इतना फर्क है

तुम्हारे मेरे में..

 

तुम इंतज़ार कर लेती हो

और ...

मैं इंतज़ार को वक्त दे नहीं सकता !

- पंकज त्रिवेदी

*

योगदान : पंकज त्रिवेदी
प्रकाशन दिनांक : 06-05-2013
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