संसाधन हिंदी साहित्य

अपनी बात

"इस चिट्ठे पर मैने अपने अहसासों को शब्द देने की कोशिश की है. यहाँ आप मेरे गीत गज़लें और कविताएं पढ़ सकते है. "

apni bat grrt gazal kavitaen nazm girish verma

लेखन बीते हुये कल की यादों से शुरु होता है और धीरे धीरे अपने लोगों से ऊपर उठते हुये अचानक समाज और देशकाल से जुड़ जाता है. मैंने अपनी बात कुछ इसी तरह से शुरु की है. यहाँ आप मेरे मन की बात पढ़ सकते है. यदि ये आपके क़रीब पहुंच सके तो ज़रूर बताइये

योगदान : Girish Verma
प्रकाशन दिनांक : 12-05-2012
print

नवीनतम लेख

a summer camp was organised for teaching hindi in minsk city of belarus by alesia.
BOOK WRITER, POEM, POET, SUBODH