संसाधन बच्चों की दुनिया

बाल पत्रिका -नंदन

"ये पत्रिका सन १९६४ से भारत में रहने वाले बच्चों के लिए एक दोस्त की भूमिका निभा रही है. नंदन एक ऐसे दोस्त की तरह है जो कहानियों के माध्यम से उनका मनोरंजन भी करता है और उन्हें जीने की राह भी दिखाता है.दुनिया भर के बच्चे अब अपने इस दोस्त से नेट पर भी मिल सकते है. "

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नंदन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानियां है. सरल भाषा में लिखी गई प्रेरक कहानियों के चलते ये पत्रिका पिछले चार दशकों से भारत के बच्चों से दोस्ती निभाती आ रही है.दक्षिण भारत के बीरबल के रूप में विख्यात तेनालीराम से हिन्दी भाषी राज्यों का परिचय नंदन ने ही कराया था.इसकी चित्र कथाएं और कविताएं मन को गुदगुदाती हैं और इसके स्थायी स्तंभ मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान का विकास भी करते हैं.जब भी आपको अपने बचपन में लौटने का मन करें तो ये पत्रिका ज़रूर देखे.  

नंदन का अप्रैल २०१२ का अंक यहाँ भी पढ़ा जा सकता है. 

 

योगदान : Niteen Gorakhrao Mandlik
प्रकाशन दिनांक : 25-04-2012
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