संसाधन पुस्तक समीक्षा

मध्यप्रदेश की कहानी सुनाती पुस्तक

"यदि आप भारत के ह्रदय प्रदेश यानी मध्यप्रदेश के इतिहास और वर्त्तमान, प्रकृति और पर्यावरण, समाज और परम्पराओं, संस्कृति और कलाओं तथा यहाँ की विभूतियों के बारे में कुछ जानना चाहते है तो वरिष्ठ पत्रकार,जनसंचार विशेषज्ञ और लेखक श्री शिव अनुराग पटैरया की नई पुस्तक आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी. "

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नेशनल बुक ट्रस्ट,इंडिया द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत इसकी रोचकता और विश्वसनीयता है. कई वर्षों के अध्ययन और अवलोकन के आधार पर श्री पटैरया  ने मध्यप्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक परिवेश को तेईस विषयों में बांटकर इस किताब में प्रस्तुत किया है. उनके अथक श्रम और लेखकीय कौशल ने इस किताब को एक ऐसे सन्दर्भ ग्रन्थ की शक्ल दे दी है जो विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए तो उपयोगी है ही आम पाठकों के लिए भी काफी रोचक और ज्ञानवर्धक है.

आमतौर पर किसी स्थान के बारे में लिखी गई पुस्तकें तथ्यात्मक जानकारियों से भरी होती है इसलिए आम पाठक इस तरह की किताबों में रूचि नहीं लेते मगर ये पुस्तक एक अपवाद के रूप में सामने आई है. इसे इस तरह से लिखा गया है कि इसे पढते समय लगता है मानो भारत का ह्रदय प्रदेश हमारी आँखों के सामने से गुजर रहा है.कहानी लेखन की शैली में लिखी गई ये किताब पाठक के सामने मध्यप्रदेश को एक नए ढंग से प्रस्तुत करती है. गौरतलब है कि श्री शिव अनुराग पटैरया पिछले तीन दशकों से

पत्रकारिता में सक्रिय है. इसके पहले वे विभिन्न विषयों पर ग्यारह पुस्तकें लिख चुके है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता पुरस्कार, राजेन्द्र माथुर फैलोशिप तथा  मेदिनी पुरस्कार  सहित कई सम्मान पुरस्कार और फैलोशिप मिल चुकी है.

इस किताब को पठनीय और आकर्षक बनाने में एनबीटी ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है. इसके लिए एनबीटी का सम्पादकीय विभाग भी बधाई का पात्र है. वैसे भी एनबीटी उन गिने- चुने सरकारी संस्थानों में से है जो बेहद असरकारी ढंग से काम करते है शायद यही कारण है कि लगभग ४०० पृष्ठों की इस पुस्तक की कीमत भी तुलनात्मक रूप से काफी कम है-१६५ रु-  जो इसे आम आदमी के खरीदने लायक भी बना देती है.फिलहाल इसका औपचारिक लोकार्पण नहीं हुआ है, लेकिन लोकार्पण के पहले भी ये किताब एनबीटी के विक्रय केंद्र या एनबीटी के प्रकाशनों का विक्रय करने वाले संस्थानों पर उपलब्ध है.संभवतः अप्रेल  एवं इसके बाद भोपाल और दिल्ली के अलावा इसका लोकार्पण इंदौर, देवास,उजैन जबलपुर में भी होगा


प्रकाशन दिनांक : 02-03-2012
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