विश्व में हिंदी विश्व हिन्दी सम्मेलन २०१२

जोहान्सबर्ग में हुआ नौवें विश्व हिन्दी सम्मेलन का उदघाटन

"तीन देशों के मंत्रियों और कई देशों में रहने वाले सैकड़ों हिन्दी भाषी लोगों की उपस्थिति में जोहान्सबर्ग में नवे विश्व हिन्दी सम्मेलन की शुरुआत हुई. इस अवसर पर हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने का वर्षों पुराना संकल्प फिर से दोहराया गया. "

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हिन्दी के इस महाकुम्भ के लिए जोहान्सबर्ग के सैडटन कन्वेंशन सेंटर को गांधी ग्राम का नाम दिया गया है. यहाँ हुए एक भव्य समारोह में भारत की विदेश राज्य मंत्री श्रीमती प्रणीत कौर, दक्षिण अफ्रीका के वित्तमंत्री प्रवीण गोरधन और मॉरीशस के कला एवं संस्कृति मंत्री मुक्तेश्वर चुनी ने विश्व हिन्दी सम्मेलन का शुभारंभ किया.

भाषा की अस्मिता और हिन्दी का वैश्विक सन्दर्भ विषय पर केंद्रित इस वैश्विक सम्मेलन के शुभारंभ समारोह में दक्षिण अफ्रीका के वित्तमंत्री प्रवीण गोरधन ने हिन्दी के महत्त्व को रेखांकित किया.उन्होंने कहा कि नई विश्व व्यवस्था में हिन्दी और भारत दोनों ही बहुत अहम भूमिका निभाएंगे.उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के आगमन का १५० वा वर्ष मनाया जा रहा है ऐसे में यहाँ हिन्दी सम्मेलन की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है. समारोह की अध्यक्षता भारत की विदेश राज्यमंत्री प्रनीत कौर ने की. उन्होंने कहा कि गुजराती भाषी होने के बाद भी महात्मा गांधी हिन्दी के प्रबल पक्षधर  थे क्योंकि वे जानते थे कि हिंदी ही देश को जोड़ सकती है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार हिन्दी को संयुक्त राष्ट्रसंघ की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है और इस सम्मेलन में भी इस विषय पर चर्चा करके हिंदी को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी.

समारोह को भारत के सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हिंदी को विश्वभाषा बनाने का दावा करने के पहले हमें भारत में ही उसे वह सम्मान दिलाने का प्रयास करना चाहिए, जिसकी वह हकदार है.चतुर्वेदी के अनुसार भारत में जिन लोगों पर हिंदी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है, उन्हें अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि वह पूरी ईमानदारी से यह काम कर रहे हैं या नहीं ?

(वीडियो सौजन्य - एएनआई)
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शायद उन्नीसवें हिन्दी सम्मेलन की शुरुआत भी इसी संकल्प के साथ होगी.

 


प्रकाशन दिनांक : 22-09-2012
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