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रविवार को इंदौर में होगा प्रेम के रसायन से उपजे काव्य संकलन का लोकार्पण

"वैज्ञानिक कहते है कि इंसान के मन में कही कोई रसायन होता है जो उसे भावुक प्रेमी बनाता है. रसायन शास्त्र के प्राध्यापक और युवा कवि पंकज अग्रवाल के मन में छिपे ऐसे ही किसी रसायन ने उनकी भावनाओं को कविता का रूप दे दिया है. पंकज जी के पहले काव्य संकलन तुम का लोकार्पण रविवार ५ मई को इंदौर में होगा. "

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जैसे कि तुम कृष्ण हो गई हो
और मै मीरा हूँ या राधा
ये समझ नहीं पा रहा हूँ

ये और इनके जैसी कई कविताओं से सजे "तुम" नामक इस काव्य संग्रह को गाजियाबाद के कश्यप प्रकाशन ने प्रकाशित किया है. अखिल भारतीय साहित्य परिषद की इंदौर इकाई द्वारा आयोजित एक समारोह में पंकज के इस पहले काव्य संकलन का लोकार्पण होगा.परिषद के अध्यक्ष श्री त्रिपुरारीलाल शर्मा ने बताया कि देवपुत्र सभाग्रह में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता देवपुत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार श्री कृष्णकुमार अष्ठाना करेंगे जबकि प्रख्यात गीतकार श्री चंद्रसेन विराट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. इस संग्रह की कविताओं की समीक्षा परिषद के गोपाल माहेश्वरी करेंगे.

उल्लेखनीय है कि पंकज रसायन शास्त्र के समर्पित व्याख्याता के रूप में इंदौर के विद्यार्थियों में काफी लोकप्रिय है.उन्होंने युवा कवियों की संस्था काव्यमंच की स्थापना की है जो नए कवियों को मंच प्रदान करती है. वे खुद भी कई कवि सम्मेलनों और काव्य गोष्ठियों में भाग ले चुके है.  


प्रकाशन दिनांक : 30-04-2013
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