हिंदी जगत

अब बनेगे असमिया, मणिपुरी और बोड़ो भाषाओं के मानक शब्दकोश

"वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग अब भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों की भी सुध ले रहा है. इस वर्ष आयोग असमिया, मणिपुरी और बोड़ो के शब्दकोश का कार्य शीघ्र आरंभ करना चाहती है.ये बात आयोग के अध्यक्ष प्रो.केशरीलाल वर्मा ने पिछले दिनों शिलांग में मेघालय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित एक तीन दिवसीय संगोष्ठी में कही.उन्होंने कहा कि आयोग पूर्वोत्तर भारत की सभी भाषाओं को बढ़ावा देना चाहता है. "

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इस संगोष्ठी का आयोजन मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग और मेघालय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने मिलकर किया था. “समाज विज्ञान के विषयों में तकनीकी शब्दावली का प्रयोग और चुनौतियाँ” विषय पर हुई इस संगोष्ठी में पूर्वोत्तर के कई भाषाविदों ने भाग लिया. संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रो वर्मा ने मेघालय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के प्रयासों की खूब सराहना की. उन्होंने कहा कि आयोग स्थानीय संस्थाओं को साथ लेकर पूर्वोत्तर भारत की सभी भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करेगा. उदघाटन समारोह में में नेहु के उपकुलसचिव डॉ. जे. एन. नायक, तथा प्रो. दिनेश कुमार चौबे, विशेष रूप से उपस्थित थे.शब्दावली आयोग की ओर से कार्यक्रम संयोजक के रूप में श्री उमाकांत खुबालकर, स्थानीय संयोजक के रूप में मेघालय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति समिति के निदेशक सुशील चौधरी ने भाग लिया.
कार्यक्रम के प्रथम सत्र को डॉ. बाल सुब्रमण्यम तथा डॉ. बी. के. सिन्हा ने संबोधित किया. श्री बी. ए. बौराई, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. माधवेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, डॉ. जोरम आनिया ताना, डॉ. एन.के.मिश्र, डॉ. शिवानंद झा, डॉ. मणिदीपा बरुआ एवं डॉ. सरजूवाला आदि ने विभिन्न विषयों पर अपने आलेख प्रस्तुत किए . इस संगोष्ठी में पूरे पूर्वोत्तर से लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया. स्थानीय संयोजक सुशील चौधरी ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया.

प्रकाशन दिनांक : 29-04-2013
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