you could find Hindi meanings of more than 20 Thousands Kannada words written in Hindi.
कन्नड़-हिन्दी के इस शब्दकोश का निर्माण हैदराबाद स्थित भाषायी तकनीक शोध संस्थान (लेंग्वेज टेक्नोलोजी रिसर्च सेंटर) ने किया है. इस विशाल शब्दकोष में कन्नड़ भाषा के बीस हज़ार से भी ज़्यादा शब्दों के हिन्दी अर्थ दिए गए है.
यहाँ कन्नड़ भाषा के ये शब्द देवनागरी में ही लिखे गए है . कन्नड़ सीखने के लिए ये एक महत्व...

एपीएस हिन्दी का एक फॉण्ट समूह है जिसमें कई सारे फोंट्स है. लेकिन यूनीकोड न होने के कारण इन फोंट्स में बनी फ़ाइल को किसी दूसरे कंप्यूटर पर देखना काफी मुश्किल होता है. पूणे में रहने वाले सॉफ़्टवेयर विशेषज्ञ श्री नारायणप्रसादजी ने इसका हल ढूंढ निकाला है.
उनके द्वारा बनाए गए इस कनवर्टर से आप एपीएस फॉण्ट में टा...

you could download HIndi-German and German Hindi glossary on this page.
यदि आप मशहूर संगीतकार बीथोवन के देश जर्मनी जा रहे है या किसी जर्मन नागरिक से दोस्ती करना चाहते है अथवा जर्मन भाषा सिखाना चाहते है तो श्री अन्सर्ट ट्रॅमॅल और श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन द्वारा निर्मित ये शब्दकोष आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा.
यहाँ से आप इसे अपने कंप्यूटर में भी डाल सकते है. लगभग १२५ पृष्ठ...

दो सौ से भी ज़्यादा पृष्ठों का विधिक शब्दकोष अमेरिका के केलिफोर्निया राज्य के सुपीरियर कोर्ट की साइट से साभार लिया गया है. इस कानूनी कोष में अदालत में उपयोग आने वाले अंग्रेजी शब्दों के अंग्रेजी और हिन्दी अर्थ देखे जा सकते है. ...

Hindi Kashmiri Kosh is a freely downloadable dictionary. It is a part of Bharat koSh developed by Language Technologies Research Centre (LTRC), International Institute of Information Technology, Hyderabad.
इस शब्द कोष में हिन्दी के लगभग ३ हज़ार शब्दों के कश्मीरी पर्यायवाची शब्द दिए गए है. इसका निर्माण हैदराबाद के आईआईआईटी के भाषा तकनीकी अनुसंधान संस्थान ने भारतीय भाषा कोष की वृहद परियोजना के तहत करवाया था. ...

राजेन्द्र सिंह फरियादी उद्यमी भी है, कवि भी है और साहित्यकार भी। पानी को लेकर लिखी उनकी ये कविता खूब चर्चा में है। ये कविता यहां पढ़ी जा सकती है ।
गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग ने अपने विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की है. हिन्दी विभाग ने अपना पाठ्यक्रम इस चिट्ठे पर प्रस्तुत कर दिया है. उनका ये चिट्ठा सिर्फ उनके विभाग ही नहीं बल्कि पूरे देश के हिन्दी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है. ।
अंतराल नामक इस चिट्ठे पर युवा कवि और शायर अश्विनी कुमार से मिलेंगे. इस चिट्ठे पर उन्होंने अपनी ग़ज़ल और कविताएँ प्रस्तुत की है. इस युवा को आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार है.
साहित्य मंथन संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया है . कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत अध्ययन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. वेंकटेश्वर थे .