Niteen Gorakhrao Mandlik का योगदान

मध्यप्रदेश की सरकार ने हिन्दी माध्यम से ज्ञान, विज्ञान,तकनीक,प्रोद्योगिकी,प्रबंध और चिकित्सा सहित सभी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा देने के लिए इस विश्वविद्यालय की स्थापना की है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी के नाम पर स्थापित ये विश्वविद्यालय अपने आप में अनूठा है.
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गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग ने अपने विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की है. हिन्दी विभाग ने अपना पाठ्यक्रम इस चिट्ठे पर प्रस्तुत कर दिया है. उनका ये चिट्ठा सिर्फ उनके विभाग ही नहीं बल्कि पूरे देश के हिन्दी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है. ।
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कविता कोश, नेट पर हिंदी भाषा और हिंदी की बोलियों की कविताओं का सबसे बड़ा संग्रह इस साईट पर संजोया गया है.
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कई बार ऐसा होता है कि हिन्दी में ई मेल पर मिला कोई सन्देश बहुत ही अजीब ढंग से दिखाई देता है.इस तरह के बिगड़े हुए मेल हिन्दी में ईमेल भेजने और पाने वाले लोगों को बहुत परेशान करते है.यदि आपको अब कभी ऐसा कोई मेल मिले तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. बालेंदुजी ने इसका एक सटीक हल ढूंढ निकाला है.
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यदि आप माइक्रोसाफ्ट के महंगे साफ्टवेयर्स (एम.एस.आफिस आदि) का बेहतर और मुफ्त विकल्प चाहते है तो तुरंत इस वेबसाईट पर पहुंचे यहाँ आपको हिन्दी में माइक्रोसाफ्ट का एक सशक्त और प्रभावी विकल्प मिलेगा और वो भी मुफ्त में..
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अमेरिका के हूस्टन नामक शहर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय हिन्दी सम्मलेन का आयोजन किया जाएगा. अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति की हूस्टन शाखा दारा आयोजित ये सम्मलेन ३० अगस्त से शुरू होकर १ सितम्बर २०१३ तक चलेगा. इस भव्य सम्मलेन में व्याख्यान,कार्यशाला और सांस्कृतिक कार्यक्रम तो होंगे ही इसके साथ युवाओं और किशोर वर्ग को हिन्दी से जोडने के लिए कई प्रतियोगिताएं भी होंगी.
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किसी भी देश में लोकतंत्र की सफलता उसके नागरिकों की वैचारिक क्षमता पर निर्भर करती है, यदि हमारे यहाँ लोकतंत्र सही मायने में सफल नहीं हो पाया है तो उसका एक बड़ा कारण हमारी वैचारिक अक्षमता भी है.हिन्दी की ये वेबसाईट भारत के हिन्दीभाषी समाज में शिक्षा,स्वास्थ्य,शासन-प्रशासन, प्रकृति,पर्यावरण, विधि और अन्य क्षेत्रों में उदारवादी और व्यावहारिक विचारों के प्रसार के लिए बनाई गई है.
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भारत सरकार के इस बहुआयामी पोर्टल पर आपका स्वागत है. ग्रामीण भारत को सूचना क्रान्ति से जोडने के उद्देश्य से बनाए गए इस पोर्टल पर कई सरकारी सेवाएं और सूचनाएं हिन्दी में देने की कोशिश की जा रही है.
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हिन्दी के इस पोर्टल पर आप भारत सरकार से मिल सकते है.इसका उद्देश्य भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सूचना और सेवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध करना है. इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र ने विकसित किया है.
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यदि आप हिन्दी के किसी ऐसे शब्दकोष की तलाश मे है जिसे आप अपने कम्प्यूटर मे डालकर कभी भी प्रयोग कर सके तो आई.आई.टी.मुम्बई की इस साइट को भी देखे.प्रो पुष्कर भट्टाचार्य के मार्गदर्शन मे भारतीय भाषाओ को कम्प्यूटर पर स्थापित करने के प्रयास मे लगी एक टीम हिन्दी शब्द तंत्र विकसित कर मुफ्त में उपलब्ध करा रही है.
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Niteen Gorakhrao Mandlik से मिलिए
शोधार्थी
सोलापुर विश्वविद्यालय सोलापुर (महाराष्ट्र)

एम.ए. , एम.फिल. हिंदी ( तुलनात्मक साहित्य )
महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय , वर्धा

संपर्क
कल्पना नगर , कळंब
ता. कळंब जि. उस्मानाबाद - ४१३५०७
मो. - ९९६०१४००७५
अमेरिका का एक नौजवान कई सालों से हिन्दी सीखने की कोशिश कर रहा था.वो किसी ऐसे रोचक आडियो वीडियो माध्यम को तलाश रहा था जिससे हिन्दी सीखना कुछ आसां हो जाए मगर अफसोस, उसे कही भी ऐसा कोई माध्यम नहीं मिला.आखिरकार उसने खुद कुछ ऐसा किया जिससे उसने खुद हिन्दी सीखी और फिर दूसरों को भी सिखाई.पढ़िए हिन्दी के एक ऐसे भक्त की कहानी जो इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के हज़ारों लोगों को हिन्दी सीखा रहा है.
रवींद्र नाथ ठाकुर संभवतः विश्व के एकमात्र कवि हैं जिनकी रचनाओं को दो देशों ने अपना राष्ट्रगान बनाया है.कवि,लेखक,साहित्यकार,संगीतकार होने के साथ-साथ वे चित्रकार भी थे.बहुत कम लोग जानते है कि उन्होंने बच्चों के लिए भी खूब रचनाएँ लिखी थी. आज उनकी जयन्ती है इस अवसर पर प्रस्तुत है विख्यात साहित्यकार श्री प्रकाश मनुजी के चिट्ठे से आभारपूर्वक ली गई गुरुदेव की ये बाल कविता.
पढ़िए लेखक, पत्रकार और कवि सुबोध श्रीवास्तव के कविता संग्रह सरहदें की समीक्षा आचार्य ऋषभदेव जी द्वारा
विमलजी के इस चिट्ठे पर आप उनकी रचनात्मकता से रूबरू होंगे.. इसे जरुर देखें
राजेन्द्र सिंह फरियादी उद्यमी भी है, कवि भी है और साहित्यकार भी। पानी को लेकर लिखी उनकी ये कविता खूब चर्चा में है। ये कविता यहां पढ़ी जा सकती है ।
गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग ने अपने विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की है. हिन्दी विभाग ने अपना पाठ्यक्रम इस चिट्ठे पर प्रस्तुत कर दिया है. उनका ये चिट्ठा सिर्फ उनके विभाग ही नहीं बल्कि पूरे देश के हिन्दी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है. ।
अंतराल नामक इस चिट्ठे पर युवा कवि और शायर अश्विनी कुमार से मिलेंगे. इस चिट्ठे पर उन्होंने अपनी ग़ज़ल और कविताएँ प्रस्तुत की है. इस युवा को आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार है.
साहित्य मंथन संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया है . कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत अध्ययन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. वेंकटेश्वर थे .