अखिलेश सू. जोशी का योगदान

भारत की ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी उज्जैन कई विद्वानों की जन्म और कर्मस्थली रही है. श्री श्रीकृष्ण जोशी,नक़्शे नवीस भी इनमे से एक थे.प्रखर विचारक, चिन्तक, कवि और लेखक के रूप में उस समय उनकी ख्याति पूरे मध्यभारत में फ़ैली थी. इस चिट्ठे पर आप उनकी लिखी कविताओं को देख और पढ़ सकते है.
3 प्रतिक्रिया
अखिलेश सू. जोशी से मिलिए
राजेन्द्र सिंह फरियादी उद्यमी भी है, कवि भी है और साहित्यकार भी। पानी को लेकर लिखी उनकी ये कविता खूब चर्चा में है। ये कविता यहां पढ़ी जा सकती है ।
गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग ने अपने विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की है. हिन्दी विभाग ने अपना पाठ्यक्रम इस चिट्ठे पर प्रस्तुत कर दिया है. उनका ये चिट्ठा सिर्फ उनके विभाग ही नहीं बल्कि पूरे देश के हिन्दी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है. ।
अंतराल नामक इस चिट्ठे पर युवा कवि और शायर अश्विनी कुमार से मिलेंगे. इस चिट्ठे पर उन्होंने अपनी ग़ज़ल और कविताएँ प्रस्तुत की है. इस युवा को आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार है.
साहित्य मंथन संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया है . कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत अध्ययन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. वेंकटेश्वर थे .