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यहाँ पढ़िए आज़ादी के पहले लिखी गई दुर्लभ कविताएँ

"भारत की ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी उज्जैन कई विद्वानों की जन्म और कर्मस्थली रही है. श्री श्रीकृष्ण जोशी,नक़्शे नवीस भी इनमे से एक थे.प्रखर विचारक, चिन्तक, कवि और लेखक के रूप में उस समय उनकी ख्याति पूरे मध्यभारत में फ़ैली थी. इस चिट्ठे पर आप उनकी लिखी कविताओं को देख और पढ़ सकते है. "

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आज़ादी के पहले श्रीकृष्ण जी उज्जैन से 'सत्यवृत महिमा' नामक एक हस्तलिखित पत्रिका का संपादन और प्रकाशन भी करते थे. ये पत्रिका उनके एकाकी प्रयासों का प्रतिफल थी. इसमें प्रकाशित सभी लेख वे स्वयं लिखते थे.हाथ से लिखे हुए इन लेखों की छपाई का काम एक पुरानी  डुप्लिकेटिंग मशीन से करके पंचिंग के बाद वे खुद ही घर-घर जाकर इसे वितरित भी करते थे.
दशकों पहले उनके द्वारा रचित कविताओं का एक अनूठा संग्रह, इस ब्लॉग पर प्रस्तुत किया गया है. इस चिट्ठे पर

उनकी ऐसी कई रचनाएँ भी है जों अभी तक अप्रकाशित थी. ये रचनाएँ हिन्दी के अध्येताओं और शोधार्थियो के लिए काफी महत्वपूर्ण है. कविताओं के अलावा यहाँ  ग़ज़ल, कुंडलियाँ एवं गीतों का संग्रह भी मौजूद है. इस चिट्ठे  पर पहुंचकर  श्री श्रीकृष्ण जोशी 'नक़्शे नवीस' की रचनात्मकता से रूबरू हुआ जा सकता है.

योगदान : अखिलेश सू. जोशी
प्रकाशन दिनांक : 13-02-2012
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