हिंदी गौरव

बाहर क्यों भगवान तलाशता है ......


बाहर क्यों भगवान तलाशता है ......



 



ये देश मेरा ..........



ये देश तेरा ...............



ये तिरंगा मेरा .............

ये तिरंगा तेरा .............



हम है इंसान एक ......

धर्म ने कर दिए अनेक ......



मै तेरे परिवार का हिस्सा हू .........

तु मेरे परिवार का हिस्सा है .........



पुराने इतिहास में रहकर ......

आज का वर्तमान बिगाड़ा ......



अपना वर्चस्व बनाने में ..........

अपने देश को बिगाड़ा .........



किस अल्लाह को तुम याद करते हो ......

किस राम को तुम पूजा करते  हो ..........

किस यीशु की तुम प्राथना करते हो .........



मुझे तो तुझ में इन सभी का अक्श नज़र आता है .......

खुद की इज्ज़त करना सीख बाहर क्यों भगवान तलाशता है ...... 











K Gaurav Verma


"talk for happiness"


gvkgaurav@gmail.com


योगदान : गौरव वर्मा
प्रकाशन दिनांक :
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